Short stories of love ( love story kahani )

Short stories of love ( love story kahani )

Rishikesh a place known for its beauty and love is a feeling which is also known for its beauty (Short stories of love, short romantic love stories, love story kahani)

प्यार ज़िन्दगी का एक ऐसा हिस्सा जिसे दो अलग अलग किस्सों द्वारा खूबसूरत बनाया जाता है
अब आप सोच रहे होंगे की प्यार तो अपने नाम से ही खूबसूरत है, इसे और खूबसूरत कैसे बनाया जा सकता है ( या इसे और खूबसूरत बनाने की क्या जरुरत )

बिलकुल सही सोच रहे है आप,

मानती हूँ की प्यार है खूबसूरत लेकिन प्यार को ज़िन्दगी का एक जरुरी और खूबसूरत हिस्सा बनाने के लिए आप सभी को प्यार के कुछ अलग अलग पड़ावों से गुजरना पड़ता है और वो पड़ाव होते है खूब-सारा इंतज़ार और दर्द

ये दो शब्द प्यार से कुछ ऐसे जुड़े हुए है की जिसने भी प्यार किया है उसे इन चीज़ो का सामना करना पड़ा है

तो आज मै आप सभी के साथ प्यार का एक पड़ाव “खूब-सारा इंतज़ार” साझा करने जा रही हूँ

ये कहानी है भारत के एक छोटे से शहर ऋषिकेश की, जहां का मौसम हर वक़्त सुहाना रहता है , वहाँ की ठंडी हवा हर वक़्त सुकून देती है, इस शहर के पहाड़ो और बादलो का मन कब मचल जाता है पता ही नहीं चलता है

यह की बारिश की हर एक बूँद एक अलग ही एहसास दिलाती है एक अलग ही सुकून देती है और इसी एहसास और सुकून को महसूस करने के लिए

दिल्ली की एक लड़की सुप्रिया आज ऋषिकेश जा रही थी, सुप्रिया हमेशा से ही ऋषिकेश के हर एक एहसास वहाँ की खूबसूरती को महसूस करना चाहती थी वहाँ रहना चाहती थी, ऋषिकेश तो मानो उसके दिल के बहुत करीब था उसके लिए उसकी पहली मोहब्बत था ऋषिकेश,

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इसलिए उसने अपनी पढ़ाई के बाद जॉब करने का फैसला ऋषिकेश में लिया

रात के 9 बज रहे थे, सुप्रिया ऋषिकेश जाने वाली ट्रैन में बैठी ही थी की तभी उसे एक आवाज़ आती है

और वो आवाज़ होती है सुप्रिया के “दोस्त वाले फॉरएवर वाले पार्टनर प्रेम की” ,

प्रेम : सुप्रिया ध्यान से जाना, अपना ध्यान रखना और कुछ भी दिक्कत परेशानी हो मुझे कॉल करना ये मत सोचना की में सो रहा हूँ क्योकि जब तक तुम पहोंच नहीं जाती मुझे नींद नहीं आने वाली

सुप्रिया : ठीक है बाबा कर दूंगी, इतनी टेंशन मत लेना और हां ज्यादा याद मत करना कही ये हो की में इचकियो से तंग होती रहू

प्रेम : बढ़िया है तुम्हारा तो ये बोल के जाओगी तो और याद करूँगा समझी

एक तो जा रही हो जिद करके, ऊपर से याद भी ना करू तुम्हे
ना ना ना. ……… ऐसा नहीं चलेगा

सुप्रिया : अच्छा जी मतलब याद करके मुझे परेशान करने का पूरा इरादा है जनाब का


प्रेम : जी बेगम साहिबा

प्रेम और सुप्रिया में ये खट्टी – मीठी बाते हो ही रही थी, की तभी ट्रेन ने सिगनल दिया

अब वो घड़ी आ गयी थी जब प्रेम को भारी मन से सुप्रिया को ऋषिकेश के लिए अलविदा कहना था

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प्रेम और सुप्रिया दोनों ही दुखी थे की दोनों को एक दूसरे से दूर रहना पड़ेगा लेकिन
सुप्रिया का दर्द प्रेम के दर्द से काफी काम था क्योकि सुप्रिया तो अपनी एक मोहब्बत
को दिल्ली छोड़, अपनी दूसरी मोहब्बत ” ऋषिकेश ” जा रही थी

लेकिन प्रेम के लिए तो उसकी पहली और आखरी मोहब्बत सुप्रिया थी उसके दिल के सबसे करीब, लेकिन शयाद सुप्रिया इस बात को नहीं समझ पा रही थी

अब प्रेम के पास बस सुप्रिया की यादे थी जिसके सहारे प्रेम को सुप्रिया का इंतज़ार करना था और अपने प्यार के पहले पड़ाव को पार करना था

इन् दोनों की कहानी में प्यार का पहला पड़ाव “ इंतज़ार ” तो आ गया था लेकिन अभी दोनों को इसे पार भी करना था और प्यार के दूसरे पड़ाव ” दर्द ” को भी महसूस करना था ,

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तो दोस्तों इस कहानी में आगे क्या होता है, दोनों प्यार के दोनों पड़ावों को पार कर पाते है या नहीं, ये मे आपको बताउंगी इस कहनी के अलग हिस्से के साथ ( Short stoires of love part-2) (love story kahani , rishikesh best place, love story in hindi)

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Mehak Bhatia

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