love kavita in hindi ( Hindi Poem ) मैंने कुछ बातें अनसुनी क्या कर दी, तुम तो बेवफा हो बैठे

love kavita in hindi ( Hindi Poem ) मैंने कुछ बातें अनसुनी क्या कर दी, तुम तो बेवफा हो बैठे

best love poetry in hindi ( love kavita in hindi

मैंने कुछ बातें अनसुनी क्या कर दी
तुम तो बेवफा हो बैठे
बेवजह यूँ ही मेरी उल्फ़त से खफ़ा हो बैठे

माना वो प्यार भरे ज़ज़्बात थे तुम्हारे
पर कुछ दायरे हमारे भी तो थे

समझा कर भी समझा न सकी कि
कुछ प्यार भरे अरमान हमारे भी तो थे
कुछ प्यार भरे अरमान हमारे भी तो थे

मैंने कुछ बातें अनसुनी क्या कर दी
तुम तो बेवफा हो बैठे
बेवजह यूँ ही मेरी उल्फ़त से खफ़ा हो बैठे

ये कैसे कह दिया तुमने कि मुझे तुम्हारे प्यार की कद्र नही

ये कैसे कह दिया तुमने कि मुझे तुम्हारे प्यार की कद्र नही

वो प्यार था तुम्हारा मैं समझ गई
पर मेरे इंकार में भी तो प्यार था जो तुम समझ न सके

फर्क सिर्फ इतना था कि तुमने प्यार जता दिया
और हम तुम्हारे दिल तक पहुँचने का रास्ता भी बना न सके

मैंने कुछ बातें अनसुनी क्या कर दी
तुम तो बेवफा हो बैठे
बेवजह यूँ ही मेरी उल्फ़त से खफ़ा हो बैठे

सीने में लगी तपन को थोड़ा बढ़ने तो दिया होता
अपने प्यार का रंग थोड़ा और चढ़ने तो दिया होता

क़ायल था दिल तुम पर धड़कने ये बता न सकी
और हम नादान तुम्हे अपना दिल दिखा न सके

यूँ ही नही महक उठी थी साँसे मेरी
अपने ही प्यार की खुशबू को तुम पहचान न सके

मैंने कुछ बातें अनसुनी क्या कर दी
तुम तो बेवफा हो बैठे
बेवजह यूँ ही मेरी उल्फ़त से खफ़ा हो बैठे…..

मैंने कुछ बातें अनसुनी क्या कर दी
तुम तो बेवफा हो बैठे
बेवजह यूँ ही मेरी उल्फ़त से खफ़ा हो बैठे…..

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Mehak Bhatia

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