तुझको पता है ना (sad love poetry in hindi) (very sad poems in hindi)

तुझको पता है ना  (sad love poetry in hindi) (very sad poems in hindi)

तुझको पता है ना कि मैं तुझसे कितना प्यार करती थी (sad love poetry in hindi)

तुझको पता है ना कि मैं तुझसे कितना प्यार करती थी
थोड़ा सा समय साथ गुजारने के बाद ही तुझ पर भरोसा करने लगी थी
दुनिया की इस भीड़ में सिर्फ तुझको चाहती थी
तुझको पता है ना कि मैं तुमसे कितना प्यार करती थी


तेरी वजह से कितने लोग मुझसे नाराज हुए
फिर भी मैं सिर्फ तेरे साथ रहना चाहती थी
उनकी नाराज़गी का बोझ उठाकर सिर्फ तुझे खुश देखना चाहती थी
तुझको पता है ना तुम मुझसे कितना प्यार करती थी

हमेशा सोचती रही कि तुझे पता है कि मैं तुझसे कितना प्यार करती थी
लेकिन शायद नहीं मैं गलत थी क्योंकि अगर तुझे पता होता तो

तू यू मेरे जज्बातों के साथ नहीं खेलता, मुझसे झूठ नहीं बोलता, मुझसे झूठे वादे नहीं करता और यू एकदम मुझे बेगाना नहीं करता


हो सकता है तेरे कोई मजबूरी रही हो लेकिन क्या तेरा प्यार सिर्फ इतना था कि तूने उसे आसानी से मजबूरियों के आगे झुकने दिया

मजबूरियां तो मेरी भी थी लेकिन मैं तो हमेशा तेरे साथ रहे फिर तू क्यों नहीं

क्योंकि शायद तुझको पता ही नहीं था कि मैं तुझसे कितना प्यार करती हूं

क्योंकि शायद तुझको पता ही नहीं था कि मैं तुझसे कितना प्यार करती हूं

sad love poetry in hindi ( very sad poems in hindi )

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Mehak Bhatia

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