shayari hindi love story (अधूरा प्यार PART-1 )

shayari hindi love story (अधूरा प्यार  PART-1 )

वो पल बड़ा हसीन था जब पहली बार उसने अपने प्यार का इकरार किया
फिर बड़ी शिद्दत से मेरी हां का इंतज़ार किया
जब मैंने हां की तो मज़बूरी का नाम देकर इस शिद्दत को ख़तम कर डाला
जब मैं आगे बड़ी तो मुझे धोकेबाज कह डाला
इतनी भी बुरी नहीं थी जितना उसने मुझे बना डाला
मुझे खुद से ही नफरत करना सीखा डाला

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अक्सर मैंने लोगो को अपने प्यार का इकरार करते हुए देखा है, लेकिन उस प्यार को ज़िंदगी भर निभाते देख बहुत कम लोगो को देखा है और इस बात को मैं सिर्फ ऐसे ही नहीं कह रही हूँ, इस बात की सच्चाई को साबित करने के लिए आज मै आप सभी के साथ एक कहानी साझा करने जा रही हूँ

Shayari Hindi love story

इस कहानी की शुरुआत होती है स्कूल की एक पिकनिक से , जहाँ पारस ने सबके सामने अपने प्यार का इकरार किया था, पारस पहले से ही गीतिका को बहुत पसंद करता था और अपने प्यार के इकरार का एक सही मौका ढूढ रहा था, शायद वो मौका स्कूल का ये पिकनिक था जहाँ पारस ने गीतिका को प्रोपोज़ किया था.

गीतिका के लिए ये प्यार का इकरार पहली बार था इसलिए शायद उसने तभी बिना पारस को जाने, बिना कुछ सोचे समझे बस पारस को हां करदिया था और एक नए रिश्ते के शुरुआत की थी.

धीरे धीरे दोनों एक दूसरे के करीब जाने लगे थे, एक दूसरे से अपने मन की बाते साँझा करने लगे थे, एक दूसरे के साथ समय बिताने लगे थे, दोनों एक दूसरे के साथ काफी खुश थे लेकिन जैसे जैसे पारस और गीतिका के रिश्ते का समय बढ़ता जा रहा था पारस गीतिका से कटने लगा था.

अभी इन दोनों के रिश्ते को एक महीना ही हुआ होगा की पारस गीतिका से दूर जाने लगा था. उसको समय नहीं देता था उसे बात नहीं करता था, ना पहले की तरह गीतिका से अपनी बाते साँझा करता था और ना ही उसकी बाते सुनता था और ना ही उसकी कॉल्स का जवाब देता था.

गीतिका के लिए ये सब नया था इसलिए उसके दिल में पारस के लिए प्यार बहुत जल्द बढ़ने लगा था, गीतिका बस अब पारस का समय चाहती थी, प्यार चाहती थी इसलिए पारस के इस बदले अंदाज़ के बावजूद उसे कॉल करती थी लेकिन पारस उसकी कॉल्स नहीं उठाता था.

गीतिका की काफी कॉल्स की वजह से कुछ दिनों बाद पारस ने गीतिका को कॉल की और बोला :

“क्या हुआ गीतिका क्यों इतनी परेशान हो कुछ काम में अटक गया था नहीं उठा पाया कॉल”

: रोते रोते गीतिका बोलती तो यार तुम मुझे बता देते पता है तुम्हे पता है मै कितनी परेशान थी
: अच्छा ओहके अगली बार में तुम्हे बता दूंगा और ये बोलकर फ़ोन कट कर दिया.

अजीब था पारस भी पहले खुद प्यार का इकरार किया और अब देखो पूछता तक नहीं,
अगले दिन जब गीतिका पारस स्कूल में मिले पारस उसे इग्नोर करने लगा , गीतिका ने काफी कोशिश की जिसे पारस उसे बात करे लेकिन पारस को तो कुछ फ़र्क ही नहीं पर रहा था, उसके पास तो गीतिका के लिए टाइम ही नहीं था.

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ये सब चीज़े गीतिका को बहुत परेशान करने लगी थी गीतिका के दिल में काफी सवाल उठा रही थी अब बस उसके दिल और दिमाग में बस यही चल रहा था की,


क्या हो गया है पारस को,
क्या अब वो उसे प्यार नहीं करता या
उसे कोई और पसंद आ गयी है,


बस इन्ही सवालो का जवाब ढूंढ़ने के लिए गीतिका ने पारस के दोस्तों से बात की तब उसे पता चला के आज कल पारस अपनी पुरानी दोस्त राधिका से काफी बाते करने लगा है,
जब ये बात गीतिका ने पारस से पूछी “तो उसने कहा की राधिका सिर्फ मेरी दोस्त है”

और तुम्हे मुझ पर और उसपे शक करने की कोई जरुरत नहीं है इस जवाब ने गीतिका के मन में उठ रहे कुछ सवालो को तो शांत कर दिया लेकिन सारे नहीं कर पाया,
पारस का ये बदला अंदाज़ अब गीतिका को बहुत खटकने लगा था इसलिए अब इन चीज़ो से परेशान हो गीतिका ने पारस को कॉल किया और बोला:


अगर तुम्हे मुझसे अब प्यार नहीं तुम मुझे बता दो,
जिसका जवाब पारस ने दिया ठीक है “मैं तुम्हे कल तक बताता हूँ” और फ़ोन कट कर दिया,
अगले दिन गीतिका के पास पारस के एक दोस्त का कॉल आया और बोला गीतिका वो अब तेरे साथ नहीं रहना चाहता


जिसका गीतिका ने गीली आँखो और होठो पर एक छोटी सी मुस्खूरत रख के जवाब दिया ठीक है और फ़ोन रख दिया, “गीतिका को इस बात ने तोड़ कर रख दिया था, जिसके बाद गीतिका ने मानो मुस्कुराना ही बंद कर दिया था उसकी ऐसी हालत देख गीतिका के सभी दोस्त काफी परेशान थे”

गीतिका के दोस्त गीतिका को काफी समझाते की वो पारस को भूल जाये लेकिन गीतिका पारस को भूल नहीं पा रही थी
गीतिका के लिए पारस को किसी और के साथ खुश देखना बहुत मुश्किल था इसलिए गीतिका ने अब पारस से दूर जाने का फैसला लिया

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इस फैसले के बाद गीतिका की ज़िन्दगी में क्या कुछ बदलाव आये वो मै आप को बताउंगी इस कहानी के दूसरे पड़ाव में Shayari hindi love story part-2 .

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Mehak Bhatia

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